Posted on June 26, 2008 by राजीव् तनेजा
“जय बोलो बेईमान की”
***राजीव तनेजा***
आज मुझसे…मेरी कामयाबी से जलने वालों की कमी नहीं है।
वो मुझ पर तरह-तरह के उल्टे-सीधे इलज़ाम लगाकर मेरी हिम्मत…मेरे हौंसले…मेरे आगे बढने के ज़ुनून को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैँ।
मुझसे मुकाबला करना चाहते हो?…
अच्छी बात है!…लेकिन पहले मेरे सामने ठीक से खड़े होने की हैसियत तक तो पहुँचो।…
उसके बाद आगे [...]
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Posted on June 26, 2008 by राजीव् तनेजा
“व्यथा-झोलाछाप डाक्टर की”
***राजीव तनेजा***
कसम ले लो मुझसे…’खुदा’ की…या फिर किसी भी मनचाहे भगवान की…..
तसल्ली ना हो तो बेशक!…’बाबा रामदेव’के यहाँ मत्था टिकवा के पूरे सात के सात वचन ले लो जो मैँने या मेरे पूरे खानदान में….
कभी किसी ने’वी.आई.पी’ या ‘अरिस्टोक्रैट’के फैशनेबल लगेज के अलावा कोई देसी लगेज जैसे…
थैला….बोरी…कट्टा…ट्रंक …अटैची…या फिर कोई और बारदाना इस्तेमाल [...]
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