“कुछ जतन करो मेरे भाई”

“कुछ जतन करो मेरे भाई”
***राजीव तनेजा***
ना रहा अब दिन को चैन
ना रही अब रातों की नींद
सुख-चैन लुट गया है मेरा 
कब-कब आओगे तुम रघुवीर
पढने वाले पढ-पढ रहे
समझ  रहा ना कोई
कुछ जतन करो मेरे भाई
कुछ  जतन करो मेरे भाई
पहले मैने  इसे  पिया 
अब ये मुझे पीने लगी
ज़िन्दगी पहले सी कहाँ
बोझिल अब  होने लगी
कुछ जतन करो मेरे भाई
कुछ जतन [...]

“मंगल-कामना”

“मंगल-कामना”
***राजीव तनेजा***

“दिपावली की शुभ मंगल-कामनाएँ आप सभी को….
“ऊप्स!…सॉरी…
‘मंगल’ सिर्फ लड्कियों के लिए और….
‘कामना’ सिर्फ लडकों के लिए”
“बिकाझ उल्टी गंगा इझ नॉट अलाउड हीयर इन मॉय ब्लॉग”
“हिन्दी हैँ हम…वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा”
“समझा करो यार”…
“वैसे भी उलटे बाँस बरेली कहाँ जाता है आजकल?”
“देसी है हम…विलायती नहीं”…
“सुनो लडकियो!…पते की बात”..
“फिर न कहना कि मौका नहीं दिया और कर [...]

“हाँ मैँ सरदार हूँ”

“हाँ मैँ सरदार हूँ”
***राजीव तनेजा***
“अब यार!…इन लडकियों को हमारा सरदार पसन्द क्यों नहीं आते हैँ भला?”
“ये बात तो आज तक अपने पल्ले नहीं पडी”
“आखिर!..क्या कमी है हम में?”
“पता नहीं उन्हें हम सरदारों के नाम से ही करैंट क्यों लगने लगता है?”
“अब यार!..इन कमबखत मारियों से लाख छुपाने की कोशिश की कि मैँ सरदार हूँ लेकिन [...]

“बधाई हो बधाई”

“बधाई हो बधाई”
***राजीव तनेजा***
“बधाई हो बधाई….आप बाप बनने वाले हो”…
“ऊप्स सॉरी!…”..
पता नहीं कैसे जब भी किसी को बधाई देनी होती है तो  इस मुँह से बस यही निकलता है मानो…
सामने वाला बाप ही बनने वाला हो”…
“और तो कोई काम हो ही नहीं सकता ना जैसे इसके अलावा बधाई के लायक?”
“अब आपको तो पता ही है [...]