“दुनिया आपकी जेब में”

“दुनिया आपकी जेब में”

***राजीव तनेजा***

“हाँ!. ..हाँ!….

“जी हाँ”…

“एक रास्ता”…..

“सिर्फ’एक-इकलौता’रास्ता….

इस गलाकाट प्रतियोगिता से निबटने का”…

“जी हाँ!…”

“सिर्फ एक कदम”…

“या फिर”…

“एक सही फैसला”…और

“आप दुनिया की भीड में’सबसे अलग’…

‘सबसे जुदा’…

‘सबसे आगे’होंगे”

“मीलों आगे”…

“कोई’कम्पीटीटर’आस-पास भी नहीं फटक पाएगा

“बस एक!..’सीधा-सरल’रास्ता और….

“दुनिया आपकी मुट्ठी में”या यूँ कहें कि….

“दुनिया आपकी जेब में होगी”

…….

…..

…..

…..

…..

***राजीव तनेजा***

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3 Responses to ““दुनिया आपकी जेब में””

  1. समीर लाल Says:

    अब इस जनम में तो राजू पान सेन्टर से उधार मिलने की उम्मीद न रही. दूसरी दुकान देखते हैं. :)

  2. Shiv Kumar Mishra Says:

    सिर्फ़ एक कदम….पाँव काम नहीं कर रहे कि कदम आगे बढ़े…

    लेकिन चिन्ता नहीं..

    आड़े-तिरछे पाँव रखकर भी वोह एक कदम पड़ सकता है..

    कमाल का लिखते हैं राजीव जी


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