“क्या मालूम कल हो ना हो?”
“राजीव तनेजा “
“अजी सुनते हो!…”
“चुप कराओ अपने इस लाडले को”
“रो-रो के बुरा हाल करे बैठा है”
“चुप होने का नाम ही नहीं ले रहा”
“लाख कोशिशे कर ली पर ना जानें आज कौन सा भूत सवार हुए बैठा है कि…
उतरने का नाम ही नहीं ले रहा”
“अब क्या हुआ?”…
“सीधी तरह बताती क्यों नहीं?”
“जिद्द [...]
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