***राजीव तनेजा***
“मैने उसे क्या समझा?और…वो क्या निकली”
“दिल ऐसा किसी ने मेरा तोडा…बरबादी की तरफ ला के छोडा”
“शायद ही इस पूरे जहाँ में मुझे कोई इतना प्यारा था लेकिन…
“जिस से जितना प्यार करो…वो उतना ही दूर भागता है”…
“ये बुज़ुर्गों का कहा आज मुझे समझ आया लेकिन क्या फायदा जब..
“चिडिया चुग गयी खेत”
“जिस कम्भख्त मारी के नाम [...]
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