”है बस यही अरमान”
“देखा ना हाय रे!…. सोचा ना हाय रे!…. रख दी निशाने पे जान” “कदमों में तेरे…. निकले मेरा दम… है बस यही अरमान”
Filed under: व्यंग्य | Tagged: व्यंग्य, हास्य्
ठीक है जी. आपकी बात कब टाली है जो आज टाले<गे. जाते हैं स्टे ड्रंक होने.
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ठीक है जी. आपकी बात कब टाली है जो आज टाले<गे. जाते हैं स्टे ड्रंक होने.