मेरे ख्यालों में”

“मेरे ख्यालों में”
***प्रभाकर***
(मेरे अंकल द्वारा लिखी गयी एक  गज़ल)
मेरे ख्यालों को बुलन्द परवाज़ दे
एहतिरामे ज़ुबाँ हो वह अलफाज़ दे
मेरे तसव्वुर में बस उभरे तेरी तसवीर
मेरी ज़ुबाँ पे बस तू अपनी आवाज़ दे
मेरा वजूद तेरे वजूद से है कायम
मुझे अपनी रहमत से तू नवाज़ दे
तेरी जल्व:गरी का रहा मुन्तज़र”प्रभाकर”
मेरी तलाश को अब तू नवाज़ दे
तारीक-ए-जहालत में [...]

“सांता ज़रूर आएगा”

“सांता ज़रूर आएगा”
***राजीव तनेजा***
“यूँ तो अभी भी कुछ महीने बाकि थे’बडा दिन’आने में लेकिन…
बच्चे तो बच्चे होते है….
“उनके लिए क्या आज और क्या कल?”
“स्कूल की डायरी में क्या पढ लिया कि….
तीन महीने बाद’बडे दिन’की छुट्टियाँ आने वाली हैँ,
सो ….अभी से चहकना चालू हो गया उनका कि….
“सांता क्लाज़ आएगा”….
“सांता क्लाज़ आएगा”…और…
“नए-नए तोहफे लायेगा”
“उन बेचारों को क्या [...]