“धन्यवाद चिट्ठाजगत”

धन्यवाद चिट्ठाजगत, ….पाँच नए धमाल मचाते चिट्ठों मे शामिल करने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद…. उम्मीद से ज़्यादा….कभी सोचा भी ना था…
एक बार फिर से शुक्रिया आप सभी साथियों का जिनके सहयोग के बिना ये सम्भव ना था   

दोस्ती दोस्त ना रहा”

“दोस्त दोस्त ना रहा”
***राजीव तनेजा***
“दोस्त-दोस्त ना रहा…प्यार-प्यार ना रहा”….
“ऐ ज़िन्दगी हमें तेरा एतबार ना रहा”
“आज ये गाना मुझे बार-बार याद आ रहा था …और इस सब की वाजिब वजह भी तो मौजूद थी
“सच ही तो है…
आजकल कोई किसी का….
‘यार’नहीं,….
‘दोस्त’नही…..
‘सब के सब’मतलबी’इंसान”
“सामने कुछ और पीठ पीछे कुछ”…
“मेरी ऊट्पटांग कहाँनियों और मेल्ज़ की तो मेरे सामने जी [...]