“क्या माजरा था?”

“क्या माजरा था?”
“क्या माजरा था?”
***राजीव तनेजा***
“आज जन्मदिन है मेरा..लेकिन दिल उदास है”
“पुरानी यादें जो ताज़ा हो चली हैँ”….
“उस दिन भी तो जन्मदिन ही था मेरा”…
“जब मै अड गया था कि गिफ्ट लेना है तो बस…
‘कप्यूटर ही लेना है”…
“उसके अलावा कुछ नहीं”
“ज़िद क्यों ना करता मैँ?”…
“आखिर पास जो हो गया था मैँ लगातार ….
तीन साल फेल [...]