"धोबी का कुत्ता"

“धोबी का कुत्ता”
***राजीव तनेजा***
आखिर एक दिन बीवी को मुझ गरीब पर तरस आ ही गया,दर असल हुआ ये के एक दिन उसके हुकुम के मुताबिकपूरे घर मे मै पोछा लगा रहा था कि अचानक मेरी सास बिन बुलाये मेहमान की तरह आ धमकीअब मुझे क्या पता था कि वो कम्भखत मारी सीधे दौड्ती चली आएगी [...]

"एक डुबकी और सही "

“एक डुबकी और सही”
***राजीव तनेजा***
“भाईयो और @#$%^”
“अब अपने मुँह से कैसे कहूँ?”
“अब किसी को बहन तो मै केहने वाला नहीं….अपने आप समझ जाओ ना यार….
“वैसे तो मैं आप ही तरह सीधा -साधा इंसान हूँ लेकिन….अपने इस् दिल के कारण बडा परेशान हूँ…
अपने आप ललचाता है और लोग समझते है कि ये तो इसकी आदत है [...]