“क्या मालूम कल हो ना हो?”“राजीव तनेजा “
“अजी सुनते हो ॰॰॰
चुप कराओ अपने इस “लाडले” को ॰॰॰रो-रो के ‘बुरा’ हाल करे बैठा है ॰॰॰ चुप होने का नाम ही नहीं ले रहा ॰॰॰लाख कोशिशे कर ली पर ना जानें ॰॰॰आज कौन सा “भूत” सवार हुए बैठा है कि ॰॰॰उतरने का ‘नाम ही नहीं ले [...]

“क्या मालूम कल हो ना हो?”“राजीव तनेजा “
“अजी सुनते हो ॰॰॰
चुप कराओ अपने इस “लाडले” को ॰॰॰रो-रो के ‘बुरा’ हाल करे बैठा है ॰॰॰ चुप होने का नाम ही नहीं ले रहा ॰॰॰लाख कोशिशे कर ली पर ना जानें ॰॰॰आज कौन सा “भूत” सवार हुए बैठा है कि ॰॰॰उतरने का ‘नाम ही नहीं ले [...]